हत्या के आठ साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश नसीम अहमद की अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों हत्यारों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोनों को छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। बीते सोमवार को अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था।
सात जुलाई 2011 को लोअर लखवाड़ कॉलोनी डाकपत्थर निवासी सुदामा प्रसाद डोभाल पुत्र स्व. अयोध्या प्रसाद डोभाल की डंडे से वार कर हत्या कर दी गई थी। मामले में सुदामा के चाचा शंभू प्रसाद डोभाल ने पुलिस को तहरीर दी थी। सुदामा के शव के पास से पुलिस को एक खून लगा डंडा बरामद हुआ था। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने लोअर लखवाड़ कॉलोनी में ही रहने वाले रवि कुमार पुत्र सुरेश कुमार और अनिल शाह उर्फ चकोरी पुत्र मंगल सिंह शाह को गिरफ्तार किया था। हत्या में दोनों आरोपियों के साथ एक नाबालिग भी था। जिसका केस वर्तमान में जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। दोनों हत्यारोपियों ने शराब की बोतल तोड़ने को लेकर सुदामा की हत्या की बात कबूली थी। हत्यारोपियों में से एक आरोपी रवि की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से घटना के समय पहनी पैंट भी बरामद की थी। पैंट पर खून लगा हुआ था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि मामले में कुल 21 गवाहों में से 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी कोतवाली धीरेंद्र सिंह रावत ने की थी। पैरोकार अरविंद कुमार और कोर्ट मुहर्रिर सोनू राम टांकिया ने कोर्ट में गवाहों की गवाही कराई।