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जमीन विवाद में हत्यारोपी को आजीवन कारावास

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छह साल पहले जमीन विवाद में व्यक्ति की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। न्यायालय पंचम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार मिश्र की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी (दांडिक) राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि डोईवाला थाने में 26 अक्तूबर 2015 को गीता तोपवाल निवासी बौराड़ी अठुरवाला नकरौंदा ने हत्या से संबंधित मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने बताया था कि उनके पति हरविंद्र तोपवाल की चाउमीन, बीड़ी, सिगरेट की दुकान है। उसी दिन शाम साढे़ छह बजे रिश्तेदार पूरण सिंह निवासी नकरौंदा ने दुकान पर आकर पाठल से पति के सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि पूरण सिंह उनकी जेठानी बीना तोपवाल का भाई है। बताया कि मेरा तथा मेरी जेठानी का जमीनी विवाद चल रहा है। पुलिस द्वारा एफआर लगाने के बाद ये मामला कोर्ट में चल रहा था।
जहां पूरण सिंह के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट में ये दलील दी कि हत्या नहीं बल्कि सड़क हादसे में हरविंद्र की मौत हुई है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने हत्या से संबंधित तमाम सबूत व दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए। उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि घटना से एक दिन पहले पीड़िता की जेठानी ने उनकी जमीन से एक शहतूत का पेड़ भी काट दिया था, जिसको लेकर भी विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते उनकी हत्या कराई गई। इसके बाद कोर्ट ने पूरण सिंह को दोषी सिद्ध मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्य एवं सबूत के अभाव में कोर्ट ने दूसरी आरोपी बीना तोपवाल को बरी कर दिया।
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