चार दशकों के शानदार करियर में उन्होंने भारत और विदेशों में कई महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कमान संभाली। उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान अपनी बटालियन की कमान संभाली। उत्तर पूर्व में काउंटर इंसर्जेंसी क्षेत्र असम राइफ ल्स सेक्टर, लद्दाख क्षेत्र के ऊंचाई वाले क्षेत्र में डिवीजन और वेस्टर सेक्टर में एक स्ट्राइक कोर की कमान संभाली।
वह प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, आर्मी वॉर कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे चुके हैं। वह इन्फेंट्री स्कूल माहू और भारतीय सैन्य प्रशिक्षण टीम भूटान के इन्स्ट्रक्टर भी रहे चुके हैं।
इससे पहले वह कांगो के संघर्ष क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में तैनात एक भारतीय ब्रिगेड के उप कमांडर और चीफ ऑफ स्टाफ भी रहे। उनके पास देश के सभी इलाकों में कार्य करने का अनुभव है। संयुक्त राष्ट्र में उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए संयुक्त राष्ट्र के सेना कमांडर की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। नई जिम्मेदारी मिलने से पूर्व ले. जनरल जयवीर सिंह नेगी डिप्टी कमांडर और सामरिक बल कमान के प्रमुख के महत्वपूर्ण पद पर थे।