हरिद्वार में तीन लोगों की जान ले चुके गुलदार को आखिरकार आदमखोर घोषित कर दिया। साथ ही उसे मारने के आदेश भी हो गए हैं। लोग लगातार इस संबंध में मांग कर रहे थे। उनका अफसरों का घेराव, प्रदर्शन जारी था। लोगों के दबाव के आगे वन विभाग को झुकना पड़ा।
भेल और आस-पास के क्षेत्र में गुलदार का आतंक पिछले काफी समय से है। गुलदार ने बीती 26 अक्तूबर को रानीपुर में एक नाई की, 23 नवंबर को सीआईआईएफ कैंपस के पीछे एक युवक की और इसी चार जनवरी को सुभाषनगर स्थित बाग में एक चौकीदार की जान ली थी। वन विभाग तमाम कोशिशों के बावजूद गुलदार के आतंक से निजात दिलाने में नाकामयाब रहा। भेल के आस पास गुलदार की आमद कई बार दर्ज हुई।