फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिकारी के लगाए फंदे में फंसा तेंदुआ: दो घंटे की मशक्कत के बाद पिंजरे में हुआ कैद तो सेल्फी लेने उमड़ी भीड़, तस्वीरें

Wed, 09 Mar 2022 07:17 PM IST
रेनू सकलानी न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
1 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
भाखड़ा रेंज से सटे गांव किनारे पर शिकारी की ओर से लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंस गया। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेंक्यूलाइज किया। तेंदुए को रेस्क्यू कर काठगोदाम स्थित रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया। जहां तेंदुए की हालत सामान्य है।

वन विभाग तेंदुए को सोलर फेंसिंग के तार में फंसने की बात कह रहा है। बताया जा रहा है कि फंदा सूअर को फंसाने के लिए लगाया गया था। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के भाखड़ा रेंज के अधिकारियों को सुबह नौ बजे गांव की सीमा पर तेंदुए के फंसने की सूचना मिली। सूचना पर वनक्षेत्राधिकारी तनुजा परिहार वन विभाग की टीम के साथ आरटीओ रोड दीक्षांत स्कूल के पीछे पहुंचीं। यहां तेंदुआ एक फंदे में फंसा हुआ था।

ये भी पढ़ें...उत्तराखंड में जोड़-तोड़ की राजनीति: मुख्यमंत्री धामी और निशंक से दो निर्दलीय प्रत्याशियों के मिलने की चर्चाओं ने पकड़ा जोर

वन क्षेत्राधिकारी की ओर से तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। वन विभाग के डॉ. हिमांशु पांगती और डॉ. आयुष उनियाल ट्रेंक्यूलाइज गन के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहला डॉट मारा, जो सीधे तेंदुए की गर्दन में लगा। इसके बाद डाक्टरों की टीम ने 20 मिनट इंतजार किया लेकिन वह बेहोश नहीं हुआ। इसके बाद तेंदुए को दूसरा डॉट मारा गया, जो बाल में ही अटक गया।
विज्ञापन

2 of 8
तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
टीम ने तीसरा डॉट मारा जो सही जगह लगा। इसके 10 मिनट बाद तेंदुआ बेहोश हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को तार काटकर उसे फंदे से अलग किया और पिंजरे में डालकर उसे रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे ग्लूकोज चढ़ाया।
विज्ञापन

3 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
डाक्टरों ने बताया कि तेंदुए के शरीर में कहीं चोट का निशान नहीं है। दांत भी सही हैं। कहा कि दो दिन देखने के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा। इसी दौरान यहां तेंदुए को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम को भीड़ को हटाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।

4 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू कर पिंजरे में डाला तो लोग फोटो लेने के लिए पिंजरे के पास पहुंच गए। कई लोग उसकी वीडियो बनाने लगे। कुछ उसके साथ सेल्फी भी खींचने लगे। वहीं दूसरी ओर तेंदुए को ट्रेंक्यूलाइज करने के लिए वन विभाग को जेसीबी बुलानी पड़ी।
विज्ञापन

5 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
वन विभाग के डॉक्टर जेसीबी की छत पर बैठकर तेंदुए के पास तक पहुंचे। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने डॉट मारा। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेढ़ बजे रात से तेंदुए की आवाज आ रही थी।
विज्ञापन

6 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
वह जोर-जोर से चीख रहा था। कहा कि जब हम वहां गए तो तेंदुआ एक फंदे में फंसा हुआ था। हमने ग्राम प्रधान को सुबह सात-साढ़े सात बजे बताया। इसके बाद ग्राम प्रधान ने वन विभाग को सूचना दी। 
विज्ञापन

7 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
वन विभाग फंदे की बात को नकार रहा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि कुछ लोग सूअर को मारने के लिए फंदे का प्रयोग कर रहे हैं। इसी फंदे में तेंदुआ फंसा होगा। जहां पर तेंदुआ फंसा था वहां पर एक तार में क्लच वायर को बांधा गया था। यहां पर खाई थी।
विज्ञापन

8 of 8
शिकारी के जाल में फंसा तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
वनक्षेत्राधिकारी भाखड़ा रेंजतनुजा परिहार ने बताया कि सोलर फेंसिंग के तार में तेंदुआ फंसा हुआ था। तार तेंदुए के पेट के पास फंसा था। तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब पांच साल है। तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। वहां उसकी हालत ठीक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें