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उत्तराखंडः 'आदमखोर' से घिरी आबादी घरों में कैद

Tue, 17 Mar 2015 12:00 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, चकराता
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इन दिनों उत्तराखंड में गुलदार की दहशत है कभी देहरादून में तो कभी चकराता के छावनी क्षेत्र के आसपास गुलदार धमक रहा है।
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आए दिन गुलदार आबादी क्षेत्र का रुख कर रहा है। गुलदार के रिहायशी इलाके में सक्रिय होने से लोग खौफजदा है। क्षेत्र में भय का माहौल है। गुलदार अब तक लोगों पर दो बार हमले कर चुका है। हालांकि वे किस्मत से गुलदार का शिकार होने से बच गए।

गुलदार के मनुष्य पर हमले की वारदातें बढ़ने के बावजूद वन विभाग अभी तक हरकत में नहीं आया है। जिससे लोगों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। बीते शनिवार को गुलदार ने चकराता-लाखामंडल मार्ग पर स्थित ग्वांसापुल के समीप निर्माण कार्य में जुटे नेपाली मूल के श्रमिक पर हमला बोल दिया था।
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हालांकि मजदूर ने गुलदार का मुकाबला किया और मजदूर के साथियों के शोर मचाने पर गुलदार जंगल में भाग गया। उसी दिन शाम के समीप पास के डाकरा गांव में भी गुलदार पिता पुत्र पर लपका। दोनों ने सेना के बेरिक में छिपकर किसी तरह जान बचाई।

गुलदार काफी देर तक बेरिक के बाहर ही डटा रहा। ग्रामीणों के वहां आने पर गुलदार वहां से चला गया। दिगबंर चौहान, सुरेंद्र सिंह, आनंद चौहान का कहना है कि गुलदार के डर ग्रामीण जंगल में घास लेने के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं।

गुलदार से बच्चों और महिलाओं को भी खतरा बना हुआ है। लोगों को पशुधन की भी चिंता सता रही है। इसके साथ ही राजधानी देहरादून के एफआरआई में भी बार-बार गुलदार को देखा गया है। पिछले दिनों उसने घर के बाहर फोन पर बात कर रही एक किशोरी पर हमला किया। जिसमें किशोरी की मौत हो गई।
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यहां दिखाई दे रहा गुलदार

देहादून में एफआरआई, डाकरा, ग्वांसापुल, दावापुल, मोहना आदि गांवों के आसपास गुलदार आए दिन दिखाई दे रहा है।

ये बरती सावधानी
- जंगल में अकेले के बजाय झुंड में जाएं
- घरों के आसपास रोशनी रखें
- गुलदार दिखाई देने पर विभाग को सूचित करें
- घरों के आसपास झाड़ियां न होने दें

यहां दें सूचना
डीएफओ- 9458192158
रेंज अधिकारी- 9012191296

इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। रेंज में गश्त बढ़ा दी गई है। गुलदार के मूवमेंटर पर नजर रखी जा रही है।
- डॉ. दिवाकर सिन्हा, डीएफओ
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