राजधानी दून के गुच्चुपानी क्षेत्र में एक बार फिर गुलदार का खौफ है। गुलदार ने सोमवार तड़के सूरज छेत्री के एक और घोड़े को निवाला बना लिया।
इससे लोगों में दहशत और वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। लोगों के अनुसार गुलदार कई पशुओं को मार चुका है, लेकिन वन विभाग ने इसे पकड़ने का इंतजाम नहीं किया है।
सूरज छेत्री के पास पांच घोड़े थे। इनमें से दो घोड़ों को गुलदार पहले शिकार बना चुका है और एक को सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे मार डाला। जैसे ही घोड़े के हिनहिनाने की तेज आवाज आई तो सूरज बाहर की ओर भागे।
गुलदार ने घोड़े को मार गिराया
उन्होंने देखा कि गुलदार ने घोड़े को मार गिराया है और उसके शरीर का पीछे का हिस्सा खा रहा है। ग्रामीण इकट्ठा हुए और किसी तरह गुलदार को भगाया। सूचना पर वन विभाग का एक कर्मचारी वहां पहुंचा।
सूरज छेत्री का कहना है कि विभाग के फॉरेस्टर ने उन्हें पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर लाने की बात कही और चले गए। डीएफओ सुशांत पटनायक ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच होगी। जल्द ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।
पीड़ित
मेरे पॉमेरियन डॉगी को गुलदार उठा ले गया था। हमने शिकायत भी की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
-ममता गुरुंग
मेरी गाय को पांच महीने पहले गुलदार ने मार दिया था। शिकायत की तो कई महीने चक्कर कटवाने के बाद दो हजार रुपये मुआवजा मिला।
-मुकुंद गौतम
मेरी गाय को तीन महीने पहले गुलदार ने मार दिया था। वन विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। -जगबहादुर थापा
हम लगातार वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। बच्चे घर से बाहर नहीं खेल पाते, अकेला आदमी भी बाहर नहीं निकल पा रहा है।
-राजीव गुरुंग