उत्तराखंड में हुई बर्फबारी ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में दावेदारों के पसीने छुड़ा दिए हैं। हिमपात के कारण संपर्क मार्गों के बंद होने से अकेले ओखलकांडा ब्लाक की लगभग 42 ग्राम पंचायतें अलग थलग पड़ गई हैं।
टिकट के तमाम दावेदार ओखलकांडा, धारी और रामगढ़ ब्लाक के लगभग 50 हजार से अधिक मतदाताओं से दूर हो गए हैं। शनिवार को नैनीताल समेत जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में जमकर हिमपात हुआ।
धानाचूली बैंड से आगे को जाने वाली तीनों सड़कें बर्फ से पट गई। धानाचूली-ओखलकांडा, धानाचूली-खनस्यू-पतलोट रोड रविवार को दूसरे दिन भी बंद रही। इस सड़क के साथ-साथ गांवों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों में भी अभी खासी बर्फ जमा है।
42 ग्रामसभाओं के लिए आवाजाही ठप
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ओखलकांडा ब्लाक में कुल 79 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें से ओखलकांडा मल्ला, ओखलकांडा तल्ला, खनस्यू, टीमर, बड़ौन, पतलोट, ल्वाड़ और डोबा समेत कुल 42 ग्रामसभाओं के लिए आवाजाही ठप है।
इसके अलावा धारी ब्लाक के अघरिया, चौरलेख, तल्ली दीनी, रामगढ़ ब्लाक के राका, क्वैदल, खुटियाखाल, कुलौरी, हरिनगर, भीड़ापानी, नगदल, नरतोला, सतबूंगा, गल्ला, लोध, दुत्कानेधार, मुक्तेश्वर के जसपुर, गहना आदि ऐसे गांव हैं जहां चाहकर भी टिकट के दावेदार जनसंपर्क को नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ओखलकांडा ब्लाक के मल्ला ओखलकांडा निवासी सुरेश चंद्र कहते हैं कि जब से चुनाव नजदीक आए हैं तब से कोई दिन ऐसा नहीं जब कोई न कोई नेता गांव में न पहुंच रहा हो।