कचहरी स्थित तीन अधिवक्ताओं के चेंबर शार्ट सर्किट से लगी आग में जल गए। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लपटों को बढ़ने से रोक लिया। अग्निकांड में काफी नुकसान होने का अनुमान है। उधर, रोडवेज कार्यशाला के सामने हार्डवेयर स्टोर में लगी आग में लाखों का माल स्वाह हो गया। यहां पर चार दमकल गाड़ी लगाकर आग पर काबू पाया जा सका।
कचहरी में बृहस्पतिवार साढ़े नौ बजे के करीब अधिवक्ता मयंक पांडे के चेंबर से सबसे पहले धुआं और लपटे निकलती दिखाई दी। देखते ही देखते चौधरी जय सिंह और अमित रतूड़ी के चेंबर भी आग की चपेट में आ गए।
चैंबर जलकर खाक
लपटों की वजह से आग दूसरे चेंबरों में पहुंचने की आशंका से हड़कंप मच गया। चेंबर के पास खड़ी कारों को हटाया गया। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीनों चेंबर जल चुके थे।
महेश पांडेय का आग में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उनके द्वारा लाइब्रेरी बनाई गई है, जिसकी किताबें जल गई हैं। कंप्यूटर के अलावा जरूरी कागजात राख हो गए। अधिवक्ताओं ने कहा कि त्वरित कार्रवाई से बड़ा अग्निकांड होने से टल गया।
रोडवेज कार्यशाला के सामने भी लगी आग
आग लगने की दूसरी घटना रोडवेज कार्यशाला के सामने हुई। यहां पर राकेश गांधी का भारत हार्डवेयर के नाम से प्रतिष्ठान है। इसमें शाम चार बजे के करीब अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग की लपटों ने स्टोर के आधे हिस्से को अपने आगोश में ले लिया।
सूचना मिलते ही जिला अग्निशमन अधिकारी शिव प्रसाद ममगई गाड़ी लेकर मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यहां भी शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है।