फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: डीएम और उनके गनर के खिलाफ वाद दायर, जानिए पूरा मामला

Thu, 04 Jan 2018 12:47 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला प्रशासन और मातृसदन के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद अब मातृसदन की ओर से जिलाधिकारी दीपक रावत और उनके गनर के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया है।

विज्ञापन


अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए वादी ब्रह्मचारी दयानंद को 27 जनवरी को बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है। ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल किए वाद में डीएम दीपक रावत व उनके गनर पर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की हत्या के प्रयास, मारपीट करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अवैध रूप में हिरासत में रखने के आरोप लगाए हैं।

वादी ब्रह्मचारी दयानंद का कहना है कि अनशन पर बैठे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को सात दिसंबर को उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह द्वारा उठवाया गया और फिर उनकी हत्या की कोशिश की।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

यह लगाया आरोप

ब्रह्मचारी दयानंद का यह भी कहना है कि मालवीय सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान संवैधानिक तरीके से डीएम का विरोध करने के दौरान ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को हिरासत में लिया।

उनके साथ मारपीट की गई और मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। वादी के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने बताया कि अदालत ने वाद स्वीकार कर लिया है और 27 जनवरी को वादी का बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है।

दूसरी ओर डीएम दीपक रावत ने मातृसदन के आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। उनका कहना है कि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को पुलिस हंगामा करने के बाद ले गई थी। फिर कानून सम्मत उनका शांतिभंग में चालान किया गया। डीएम दीपक रावत का कहना है कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें