हादसे में पिथौरागढ़ के चंद्रभागा एंचोली निवासी कंपनी के सुपरवाइजर भवानी दत्त भट्ट (45) पुत्र हरि दत्त भट्ट एवं हिमाचल के ऊना जिले के निवासी श्रमिक राजेश (35) पुत्र तिलक राज की मलबे में दबने से मौत हो गई।
इनके अलावा नेपाल के तातापानी निवासी श्रमिक प्रताप सिंह (19) पुत्र पूरन सिंह, जोगबुड़ा नेपाल निवासी मोहन सिंह (22) पुत्र धन बहादुर, वाहन चालक उचौलीगोठ टनकपुर निवासी नरेश सिंह पुत्र जगत सिंह मलबे की चपेट में आने से घायल हुए हैं।
मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने घायलों को तत्काल संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल श्रमिक प्रताप एवं मोहन सिंह को हल्द्वानी एसटीएच रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कार्यदायी विभाग पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण वर्मा के साथ कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अश्विनी कुमार, पीआईयू के एई एके राय, जेई विजेंद्र सिंह पोखरिया घटना स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने मलबे से दोनों मृतकों के शव को निकलवाया। जेई विजेंद्र पोखरिया ने बताया कि कटिंग कार्य रोककर श्रमिक भोजन के लिए जा रहे थे कि इसी दौरान उनके ऊपर अचानक दरकी पहाड़ी का मलबा आ गिरा। एसडीएम ने बताया कि पुलिस हादसे की जांच कर रही है। कोतवाल वर्मा के अनुसार सुपरवाइजर के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।