चार नवंबर 2016 को समिति की बैठक में अनुबंध को निरस्त करते हुए पूरी रकम वापस लेने पर सहमति बनी। आदेश चौहान ने उस समय 40 लाख रुपये भी वापस कर दिए। बाकी रकम चेक के माध्यम से देना तय हुआ। इसके बाद जो चेक दिए गए, वह बैंक से बाउंस हो गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तब से ही आरोपी पक्ष रकम वापस करने में आनाकानी करता रहा। जनवरी 2019 में एसपी सिटी श्वेता चौबे के सामने भी आदेश चौहान आदि ने लिखित में रकम वापस करने का भरोसा दिया।
रकम वापस नहीं मिलने पर एसआईटी भूमि प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत की गई। आरोप है कि आदेश चौहान, रमेश चहल, रवि चौधरी और सचिन शर्मा ने साजिश के तहत रकम हड़पी है। समिति के सदस्य प्रशासनिक, न्यायिक और सचिवालय सेवा से जुड़े हैं। आदेश चौहान को एक पूर्व मंत्री का दामाद बताया जा रहा है। शहर कोतवाली पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।