देहरादून में शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने देर रात व्यापक कार्रवाई की। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अलग-अलग मजिस्ट्रेट टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की दुकानों पर छापे मारे। जांच के दौरान ओवररेटिंग, स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, अनधिकृत सेल्समैन, रेट लिस्ट नहीं लगाने समेत कई अनियमितताएं सामने आईं।
जॉइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद व हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह और एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने दुकानों की जांच की। टीमों के साथ संबंधित क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक भी मौजूद रहे।
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह की टीम ने माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में छापे मारे। आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत सही मिली। जांच के दौरान दुकान में रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाए। दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन भी मिले। इसके अलावा निर्धारित रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं थी। टीम ने स्टॉक और बिक्री से जुड़े अभिलेखों की जांच की।
एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में प्रेमनगर क्षेत्र में हुई जांच में शराब की दुकान का स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला। यहां भी अनधिकृत सेल्समैन पाए गए।
जॉइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह की टीम ने जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में दुकानों पर छापे मारे। कई दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं था। रेट लिस्ट और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर भी प्रदर्शित नहीं मिला। जांच में ओवररेटिंग के मामले भी सामने आए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब की बिक्री, अनधिकृत व्यक्तियों से बिक्री और अभिलेखों में अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित रूप से अचानक जांच करने और गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों पर आगे भी अचानक छापे जारी रहेंगे।