एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह ने रिमांड पूरी होने के अंतिम दिन घोटाले की कुछ परतों को एसआईटी के सामने खोला है।
डीपी ने बाजपुर तहसील में हुए घोटाले में लिप्त कुछ तत्कालीन अफसरों की ओर इशारा किया है। इसके बाद एसआईटी ने बाजपुर तहसील पर अपनी जांच फोकस कर दी है। कस्टडी रिमांड खत्म होने के बाद डीपी को नैनीताल कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह ने बीती 23 नवंबर को एसएसपी कार्यालय में समर्पण किया था। इसके बाद एसआईटी ने डीपी को तीन दिन की रिमांड पर लिया। इन तीन दिनों में जहां पहले दो दिन एसआईटी डीपी से कुछ खास नहीं उगलवा पाई थी।
रिमांड के अंतिम दिन मंगलवार को उसने एसआईटी के समक्ष कुछ राज खोले और घोटाले में लिप्त कुछ और अफसरों की तरफ भी इशारा किया। बताया जा रहा है कि डीपी से पूछताछ के बाद एसआईटी ने बाजपुर तहसील पर जांच केंद्रित कर कुछ तत्कालीन अफसरों को रडार पर लिया है। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, बाजपुर तहसील में भी तत्कालीन अफसरों ने भूमि मुआवजे के नाम पर बड़ा खेल खेला है। उक्त तहसील के ग्राम कनौरी, कनौरा, महेशपुरा, हरलालपुर, गुमसानी, ताली, बिचपुरी, टांडा आजम, भव्वा नंगला, केलाखेड़ा, मुडियामानी और तत्ना की मड़ैया में करीब 12 से अधिक ऐसे मामले हैं।