कोई भी खिलाड़ी सिर्फ अपने खेल से ही महान नहीं होता। यह बात किसी भी स्कूल में खेल के मैदान पर उतरने के पहले दिन सिखाई जाती है। उस समाज के प्रति भी खिलाड़ी की जिम्मेदारी है जहां उसके प्रशंसक रहते हैं।
क्योंकि प्रशंसक ही वह उपभोक्ता होते हैं जो खिलाड़ियों को हजारों करोड़ों के विज्ञापनों में खेलने लायक बनाता है। इन प्रशंसकों का ध्यान आपदा के तीन महीने बाद भी हमारे सितारे महेंद्र सिंह धोनी को नहीं आया।
ब्रायन लारा एक महान खिलाड़ी
ब्रायन लारा सात समुंदर पार से पीड़ितों का दर्द बांटने आ गए। यह गुण ब्रायन लारा को एक महान खिलाड़ी के साथ एक महान व्यक्ति भी बनाता है।
16 जून को केदारनाथ में आई आपदा के बारे में सात हजार करोड़ से अधिक के महेंद्र सिंह धोनी भले ही अब तक कुछ न बोले हों लेकिन ब्रायन लारा ने इस पर दुख जताया है।
मदद के लिए चैरिटी मैच
उत्तराखंड में हुई जान माल की हानि उन्होंने वेस्टइंडीज से देख ली और मानवता की मदद के लिए चैरिटी मैच खेलने का निर्णय लिया। जबकि कथित तौर उत्तराखंड के सितारे महेंद्र सिंह धोनी अब तक उत्तराखंड की तरफ मुंह फेरे हुए हैं।
लारा से पहले भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी अपना गोल्डन बैट पीड़ितों की मदद के लिए सौंप चुके हैं। इसके बावजूद हमारे महान कप्तान आपदा पर दो शब्द नहीं बोले। जबकि हमारे प्रदेश के दीवाने इनके एक शतक पर सरकार पर दबाव बना लगते हैं कि इन्हें लाखों का इनाम दो।