आखिरकार 10 दिन बाद लंढौरा में दुकानें खुलने के साथ ही कस्बा और बाजार की रौनक लौट आई। चैंपियन के समर्थक दुकानदारों ने शुक्रवार को एक बैठक कर दुकानों को खोले जाने का निर्णय लिया।
इसके बाद लंढौरा में हुए बवाल के बाद से ठप पड़ा जनजीवन फिर से बहाल होता दिखा। व्यापारी वर्ग ही नहीं आम लोगों के चेहरे भी खिले दिखाई दिए।
एक जून को बवाल के बाद से बंद था बाजार
लंढौरा में धार्मिक ग्रंथ के अपमान की अफवाह के साथ विगत एक जून को हुए बवाल के बाद से कस्बे का बाजार पूरी तरह बंद था। हालांकि प्रशासन की ओर से बाजार बंदी के कोई आदेश नहीं थे, लेकिन चैंपियन समर्थक दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोले जाने का निर्णय लिया था जिसके चलते बाजार बंद रहा।
इस वजह से आम लोग खाने-पीने की चीजों के लिए भी तरस रहे थे। शुक्रवार को चैंपियन समर्थकों ने बैठक की जिसमें बताया गया कि दुकानदारों ने कुंवर प्रवण सिंह चैंपियन के समर्थन में दुकानें बंद कर रखी थी।
दुकानदारों ने दिया अल्टीमेटम
चैंपियन के एलान के मुताबिक महापंचायत सफल रही है। उन्होंने बताया कि चैंपियन ने सभी दुकानदारों को दुकानें खोलने को कहा है। इसलिए बाजार को खोल दिया गया है। दुकानदारों ने कहना था कि यदि महल पर आगजनी और लूटपाट करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इसके लिए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर से भी विचार विमर्श करेंगे। बैठक में अमित अग्रवाल, दिनेश जताना, पवन, धीेरेंद्र, राकेश कुमार गुप्ता, जोगिंदर यादव, सतीश शर्मा, राज शर्मा, कुलदीप, प्रदीप सिंघल, राहुल गर्ग, मनोज सैनी एवं सुरेश सैनी आदि मौजूद रहे।