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नदियों पर भी 'सेंध' लगा रहे हैं भूमाफिया

Fri, 11 Oct 2013 09:32 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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राजधानी देहरादून में भूमाफिया बेहद सक्रिय हो गए हैं। ये माफिया लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा कर अपनी जेबें गरम कर रहे हैं।
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पुल बनाने का दावा करके बेच रहे प्लॉट
शहर के कांडली गांव में भूमाफिया ग्राहकों को खुद ही पुल बनाने का दावा करके प्लॉट बेच रहे हैं। मौके पर पहुंचने वालों को कहा जा रहा है, ‘भाईजी, पुल बन जाएगा, तब देखना...।’

ग्राहकों को यह झांसा दिया जा रहा है कि पुल बनते ही जमीन के रेट दोगुने-चौगुने हो जाएंगे। कांडली गांव में एमडीडीए से नक्शा पास कराए बिना प्लाटिंग की गई है। सचिव एमडीडीए बंशीधर तिवारी और ईई एनएस रावत मौका मुआयना कर चुके हैं।
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कोई कार्रवाई नहीं हुई
हालांकि, अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खास बात यह है कि इन प्लॉटों तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता है ही नहीं। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास तमसा नदी पार करके लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन भूमाफिया दावा कर रहे हैं कि वे यहां अपने खर्च पर पुल बनाकर देंगे।

इस संबंध में इंटरनेट पर भी विज्ञापन दिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके झांसे में आकर दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों के कई लोग यहां प्लाट खरीद भी चुके हैं।

उधर, सूत्रों की मानें तो प्लॉटिंग करने वालों ने यहां ग्राम समाज की जमीन भी कब्जा ली है, लेकिन प्रशासन से भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

नहीं बन सकता निजी पुल
नियमानुसार नदियों पर कोई व्यक्ति बिना अनुमति निजी पुल नहीं बना सकता है। यह प्लाटिंग पहले ही अवैध है, लिहाजा यहां पुल बनाने की अनुमति मिलना नामुमकिन है। ऐसे में लोगों से किया जा रहा दावा सफेद झूठ है।
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यह भी बता दें कि 2008 में पौंधा में इसी तरह एक बिल्डर ने अवैध प्लॉटिंग कर नदी पर पुल बना दिया था। मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन डीएम राकेश कुमार ने यह पुल तुड़वा दिया था। इस प्लाटिंग के मामले में भी पुल बना तो प्रशासन इसे ध्वस्त कर सकता है।

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