अब आपकी बाइक रोजगार का साधन भी बन सकती है। राज्य परिवहन प्राधिकरण की मंजूरी के बाद गोवा की तर्ज पर दून में भी ‘रेंटल मोटरसाइकिल स्कीम’ लांच हो चुकी है।
पांच साल का परमिट
रेंटल मोटरसाइकिल स्कीम के तहत पांच साल का परमिट जारी किया जाएगा। इसकी फीस महज एक हजार रुपए है। स्कीम के तहत वह भी परमिट हासिल कर सकते हैं, जिनके पास रोजगार है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया केंद्र सरकार की यह योजना बेरोजगारों को लिए फायदेमंद साबित होगी। उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के लिए आने वाले विदेशी और देशी पर्यटकों में रेंटल बाइक्स की काफी डिमांड है।
यह है बाइक रेंटल
बाइक रेंटल के तहत पर्यटकों को तय दिनों के लिए बाइक किराए पर दी जाती है। इसके लिए प्रति दिन या किलोमीटर के हिसाब से किराया तय किया जा सकता है।
पर्यटक को ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य फोटो पहचान पत्र की कॉपी जमा करानी होगी। यदि सफर के दौरान बाइक में कोई नुकसान होता है तो उसका खर्चा पर्यटक को अलग से देना होगा।
ऋषिकेश में चली थी स्कीम
एआरटीओ संदीप सैनी ने बताया कुछ साल पहले ऋषिकेश में स्कीम को शुरू किया गया था। हालांकि अब वहां स्कीम के तहत कोई बाइक नहीं है। अगर कोई इच्छुक है तो आरटीओ कार्यालय में आ कर आवेदन कर सकता है।
क्रूज बाइक है पहली पसंद
वैसे तो कोई भी बाइक रेंट पर दी जा सकती है, लेकिन फायदा पर्यटकों की पसंद का ख्याल रखने में ही है। उत्तराखंड में सबसे ज्यादा इजराइल और फिर यूरोप से पर्यटक आते हैं।
इन पर्यटकों की पहली पसंद क्रूज बाइक है। भारत में ऐसी बाइक केवल रायल इनफील्ड कंपनी ही बनाती है। रायल इनफील्ड की बुलेट क्लासिक की पर्यटकों में काफी डिमांड रहती है।
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