सितारगंज में सिडकुल फेज टू में कोकाकोला को जमीन दिए जाने के मसले पर अब रातव सरकार यू टर्न लेती दिख रही है।
सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके संकेत दिए। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि प्रदेश में पर्यावरण और रोजगार को तवज्जो देने वाले उद्योगों को ही प्रदेश में उद्योग स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी।
तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के समय में छरबा में कोकाकोला को प्लांट लगाने के लिए जमीन दी गई थी। स्थानीय स्तर पर विरोध होने और पर्यावरण संगठनों के विरोध के बाद सरकार को इसमें कदम वापस खींचने पड़े थे।
कंपनी का विरोध ही इस बात को लेकर था कि कोकाकोला के उत्पादन में अत्यधिक भू जल का दोहन होता है। पर्यावरण के आधार पर हुए इस विरोध को देखते हुए बाद में इस कंपनी को सिंतारगंज में सिडकुल फेज टू में जमीन देने की बात की जा रही है।