शोक में डूबे शहीद के परिजन
हरिद्वार रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय व पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज के छात्रों ने सैन्य वाहन पर फूल बरसाए और शहीद प्रदीप रावत अमर रहे के नारे लगाए। अंतिम यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कारवां भी बढ़ता चला गया। इस दौरान हजारों लोग शहीद के पार्थिव शरीर रखे सैन्य वाहन के पीछे पीछे भारत माता की जय के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
वहीं चौक-चौराहों व बाजारों में विभिन्न संगठनों ने शहीद के सम्मान में पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गंगानगर से पुरानी चुंगी, घाट चौक, देहरादून रोड तिराहा, कैलासगेट होते हुए अंतिम यात्रा मुनिकीरेती में कुंभ मेला मैदान के समीप श्मशान घाट पहुंची। इस दौरान खदरी सड़कमाफ के प्रधान सरोप सिंह पुंडीर, गढ़ी के प्रधान सतीश रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य गुमानीवाला किशोरी पैन्यूली, उपप्रधान खदरी सड़कमाफ टेक सिंह राणा, सामाजिक कार्यकर्ता मानवेंद्र कंडारी, पूर्व क्षेत्र पंचायत राजेश व्यास, ज्योति सजवाण, महावीर उपाध्याय, कुसुम कंडवाल,आशा रौथाण, सुंदरी कंडवाल, उषा रावत, कैलास रयाल आदि मौजूद रहे।
सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी
हमारे जवान सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हम सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की मांग करते हैं।
- महावीर उपाध्याय, समाजसेवी खदरी श्यामपुर
आखिर कब तक यूं ही सीमा पर जवान शहीद होते रहेंगे। सरकार कुछ नहीं कर रही है। सेना को छूट दी जाए और पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए।
- संजीव कुमार, स्थानीय निवासी इंदिरानगर
शहीद प्रदीप सिंह रावत पर हमें गर्व है। लेकिन अब वक्त आ गया है, कि पाकिस्तान के साथ आर-पार की लड़ाई की जाए।
- जसविंदर सिंह, स्थानीय व्यापारी
आखिर सेना के हाथ केंद्र सरकार ने क्यों बांध रखे हैं। पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हो गया है। यह मोदी सरकार केवल बातों की है, शीघ्र कार्रवाई हो और पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए।
-सचिन अग्रवाल, स्थानीय निवासी