आईपीएल के जरिये क्रिकेट को ग्लैमरस बनाने वाले आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को आज भले ही भगोड़ा कहे जाने पर आपत्ति है और वे एक तरह से इंग्लैंड में भारत से निष्कासित रूप में जीवन व्यतीत करने को बाध्य है, लेकिन सच्चाई यह है कि भगोड़ा और निष्कासित शब्द तो उनके साथ छात्र जीवन में ही जुड़ गए थे।
जब वे नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज में दसवीं के छात्र थे तो दोस्तों के साथ स्कूल से भागने के कारण उन्हें दसवीं की बोर्ड परीक्षा से पूर्व स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था। उनके पिता केके मोदी के लाख प्रयास के बावजूद उन्हें फिर विद्यालय में प्रवेश नहीं मिला। हालांकि, बाद में उन्हें बाहर रहकर बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति दी गई।
ललित मोदी ने 1976 में सेंट जोसेफ कॉलेज नैनीताल में दाखिला लिया था। वे यहां 1980 तक रहे। 1980 में उनके साथ पढ़े विद्यार्थी बताते हैं कि बोर्ड परीक्षा से पूर्व वे एक दिन अपने चार साथियों सहित कालेज से भाग गए। बाद में पकड़े जाने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने चारों को निष्कासित कर दिया था।