थॉमस कप जीतने के बाद पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचे लक्ष्य सेन और उनके पिता कोच डीके सेन का नगरवासियों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। लक्ष्य को क्वारब से चौघानपाटा तक जुलूस के साथ लाया गया, जहां ढोल-नगाड़ों और छोलिया नृत्य के साथ लक्ष्य का स्वागत किया गया। इसके बाद लक्ष्य सेन चौघानपाटा से लोगों की भीड़ के साथ पैदल शिखर होटल तक गए। यहां भी फूल-मालाओं से लक्ष्य सेन और उनके पिता डीके सेन का स्वागत किया गया।
बाद में पत्रकारों से वार्ता में लक्ष्य सेन ने कहा कि थॉमस कप जीतना गौरव की बात है। उनका अगला लक्ष्य हर टूर्नामेंट में जीत हासिल करना और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर वह और पूरी भारतीय टीम बेहद उत्साहित है। कहा कि अल्मोड़ा की मशहूर बाल मिठाई भेंट करने पर पीएम मोदी बेहद खुश हुए। अपने गृह जनपद में उनकी जीत के प्रति लोगों में खुशी देखकर वह भी बहुत खुश हैं।
लक्ष्य के पिता और कोच डीके सेन ने कहा कि यह गौरव की बात है कि 73 साल बाद भारत पहली बार थॉमस कप जीता। भारतीय टीम ने 14 बार की विजेता रही इंडोनेशिया की टीम को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की यह जीत पूरे देश के उदीयमान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगी। कहा कि सरकार भी बैडमिंटन को पूरा सहयोग कर रही है, जिस कारण आगे भी इस खेल में खिलाड़ी इतिहास दर्ज करेंगे। लक्ष्य के स्वागत में विधायक मनोज तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, रेडक्रॉस के अध्यक्ष जेसी दुर्गापाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष पीतांबर पांडे, उत्तराचंल बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी मौजूद रहे।
लक्ष्य बने रेडक्रॉस सोसायटी के ब्रांड एंबेसडर
लक्ष्य सेन को उत्तराखंड रेडक्रॉस सोसायटी ने अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है। सोसायटी के चेयरमैन मनोज सनवाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें सोसायटी का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, आनंद बगड़वाल, डॉ. जेसी दुर्गापाल, गिरीश मेहता, आशीष मेहता आदि थे।
लक्ष्य बोले- अभ्यास, गुरु और अनुशासन जरूरी
लक्ष्य सेन और उनके पिता डीके सेन को डीएसडी बैडमिंटन हॉल में आयोजित समारोह में भी सम्मानित किया गया। लक्ष्य ने कहा कि किसी भी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए नियमित अभ्यास, गुरु और अनुशासन जरूरी है। इस दौरान लक्ष्य ने बैडमिंटन खिलाड़ियों को संबोधित कर बच्चों को ऑटोग्राफ भी दिए।
लक्ष्य ने कहा कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके कोच पिता का बड़ा हाथ है। यह लक्ष्य प्राप्त करना इतना आसान नहीं था लेकिन मेहनत के बल पर और टीम की एकजुटता से मुकाम हासिल हुआ। उन्होंने युवा खिलाड़ियों और बच्चों से खूब प्रैक्टिस करने के लिए कहा। लक्ष्य के साथ उनकी मां, पिता डीके सेन, भाई चिराग भी मौजूद रहे। इस मौके पर केक भी काटा गया। यहां एसोसिएशन के आयोजक सचिव संजय डबराल, अध्यक्ष रितेश बिष्ट, महासचिव नरेंद्र भुटियानी, संरक्षक अतुल कुमार शर्मा, ललित गुप्ता और गिरीश शर्मा के अलावा हल्द्वानी के सभी बैडमिंटन एकेडमी के स्वामी और कोच शामिल रहे।
खेलों में करियर बनाएं युवा
भवाली में एक निजी होटल में विधायक सरिता आर्य समेत तमाम लोगों ने लक्ष्य सेन, उनके पिता डीके सेन, मां निर्मला सेन और भाई चिराग सेन का स्वागत किया। यहां लक्ष्य ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं खेलों में अपना कॅरियर बनाना चाहिए। कहा कि बैडमिंटन समेत अन्य खेलों में अपार संभावनाएं हैं। विधायक सरिता आर्य ने कहा कि लक्ष्य ने विश्व में उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। समाजसेवी पंकज बिष्ट ने कहा कि लक्ष्य सेन की जीत ने उत्तराखंड के खिलाड़ियों को एक दिशा दिखाई है। इस दौरान शिवांशु जोशी, रविंद्र क्वीरा, लवेंद्र क्वीरा, प्रकाश आर्य, भावना मेहरा, मीना बिष्ट, आशु चंदोला, मनोज जोशी, हरिशंकर कांडपाल, नीमा क्वीरा आदि मौजूद रहे।