पाखरो पर्यटन जोन में सोना नदी स्रोत, जसोद, पाखरो, धौलखंड, चपड़ा, सुआ नदी-नालों के पानी को एकत्र किया जा रहा है। पाखरो को पर्यटक स्थल बनाने के पीछे स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मंशा भी है।
21 जुलाई को कोटद्वार में हुई कॉर्बेट फाउंडेशन की बैठक में वन मंत्री की ओर से पाखरो पर्यटन जोन को विकसित करने के लिए कहा गया है। पाखरो पर्यटन जोन में झील बनाने की योजना है, जिसमें पर्यटन बोटिंग कर सकेंगे। इस जोन के विकसित होने से वहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। - राहुल, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व