सरकार ने संविदा महिला कर्मचारी को बाल्य देखभाल अवकाश देने का विरोध करते हुए कहा कि इनकी नियुक्ति एक वर्ष के लिए होती है। इनके नियुक्ति पत्र में साफ लिखा है कि वर्ष में 14 दिन का अवकाश देय होगा। ये जिस दिन कार्यालय नहीं आएंगी, उस दिन का भुगतान नहीं दिया जाएगा।
सरकार की ओर से कहा गया कि इनकी नियुक्ति संविदा के रूप में हुई है, जिसे राजकीय सेवा नहीं माना जा सकता। इस प्रकरण पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद 14 जुलाई को निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि महिला संविदा कर्मचारी भी 30 मई 2011 के शासनादेश के आधार पर बाल्य अवकाश के लिए पात्र होंगी। कोर्ट ने साफ किया है कि महिला संविदा कर्मियों को दो साल के बजाय एक साल में 31 दिन का बाल्य देखभाल अवकाश दिया जाएगा।