फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्वेक्षण : शहरी बेरोजगारी के मामले में पहले नंबर पर उत्तराखंड, कोरोना के बाद सबसे अधिक महिलाओं का रोजगार छूटा

Sun, 08 May 2022 03:08 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

कोरोना महामारी के बाद प्रदेश के शहरों में महिलाओं का सबसे अधिक रोजगार छूटा। एनएसओ की ओर से जारी त्रैमासिक बुलेटिन में दर्ज आंकड़ों का अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना महामारी के बाद उत्तराखंड में जनवरी 2021 से लेकर सितंबर 2021 तक शहरी बेरोजगारी में बढ़ोतरी हुई।
विज्ञापन
unemployment - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोविड महामारी के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों में तेजी से बेरोजगारी दर बेशक कम हुई हो, लेकिन उत्तराखंड में देश में सबसे ज्यादा 15.5 फीसद बेरोजगारी दर रही। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण अक्तूबर 2021 से दिसंबर 2021 में यह खुलासा हुआ है।

विज्ञापन


शुक्रवार को एनएसओ की ओर से जारी त्रैमासिक बुलेटिन में दर्ज आंकड़ों का अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना महामारी के बाद उत्तराखंड में जनवरी 2021 से लेकर सितंबर 2021 तक शहरी बेरोजगारी में बढ़ोतरी हुई। अक्तूूबर से दिसंबर 2020 में राज्य की शहरी बेरोजगारी की दर 11.6 फीसद रही।

जनवरी से मार्च 2021 में यह बढ़कर 14.3 फीसद हो गई। अप्रैल से जून 2021 में यह बढ़कर 17.0 फीसद और जुलाई से सितंबर के दौरान बेरोजगारी दर बढ़कर 17.4 फीसद हो गई। यह कोरोना संक्रमण के चरम का कालखंड था। अक्तूबर से दिसंबर 2021 में शहरी बेरोजगारी दर घटकर 15.5 फीसद रह गई।
विज्ञापन


देश के दूसरे राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की शहरी बेरोजगारी दर सबसे अधिक रही। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के बाद सबसे अधिक शहरी बेरोजगारी के मामले में केरल(15.2 फीसद) दूसरे और जम्मू कश्मीर (14.5 फीसद) तीसरे स्थान पर था।

शहरों में महिलाएं ज्यादा बेरोजगार

उत्तराखंड राज्य के शहरों में पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा बेरोजगार हैं। सर्वे के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2020 में पुरुषों में बेरोजगारी दर 11.1 फीसद थी। 2021 में इसी तिमाही में पुरुषों में बेरोजगारी दर बढ़कर 14.2 फीसद हो गई। इसकी तुलना में अक्टूबर से दिसंबर 2020 में पुरुषों से अधिक 13.4 फीसद महिलाएं बेरोजगार थीं, 2021 की इसी तिमाही में बेरोजगारी दर बढ़कर 20.7 फीसद हो गई। यानी कोरोना महामारी के बाद प्रदेश के शहरों में महिलाओं का सबसे अधिक रोजगार छूटा।

प्रदेश में पुरुषों और महिलाओं में बेरोजगारी की दर

तिमाही पुरुष   महिला
अक्तूबर से दिसंबर 20 11.1 13.4
जनवरी से मार्च  13.4 17.8
अप्रैल से जून 16.9 17.4
जुलाई से सितंबर   17.1 18.6
अक्तूबर से दिसंबर 21 14.2 20.7
 
 

राज्यों में शहरी बेरोजगारी दर

उत्तराखंड 15.5
केरल 15.2
जम्मू कश्मीर 14.5
ओडिशा  14.1
राजस्थान 12.2
हरियाणा 11.5
बिहार 11.1
छत्तीसगढ़ 11.3
हिमाचल  11.0
तमिलनाडु 10.2
झारखंड 09.6
मध्य प्रदेश 09.5
उत्तर प्रदेश 09.4
दिल्ली 09.1
असम  09.0
पंजाब 07.7
तेलंगाना    07.7
आंध्र प्रदेश 07.5
महाराष्ट्र   07.2
प. बंगाल 06.5
कर्नाटक 05.5
गुजरात 04.5
भारत   08.8
 
नोट: (अक्तूबर से दिसंबर 2021 के दौरान बेरोजगारी दर)
विज्ञापन

राष्ट्रीय शहरी बेरोजगारी दर में गिरावट

एनएसओ के जारी आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर शहरी बेरोजगारी दर में डेढ़ फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। अक्तूूबर से दिसंबर 2020 में राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 10.3 फीसद थी, जो 2021 में इस अवधि के दौरान 8.8 फीसद रह गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें