विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने तेरह वर्षों के सफर पर सरकारों की भूमिका को लेकर फिर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जनसंघर्षों से हासिल इस राज्य में अब भी कई ऐसे सवाल हैं, जो अब तक हल नहीं हुए हैं।
राजधानी का मुद्दा भी इनमें से एक है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा भवन निर्माण जनहित में उठाया गया एक शुरुआती कदम है।
विकास योजनाओं की दी जानकारी
राजकीय महाविद्यालय के छात्रसंघ समारोह/वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल ने कहा कि 114 करोड़ की लागत से बनने वाले गैरसैंण विधानसभा भवन के लिए 72 करोड़ मिल चुके हैं। 1200 करोड़ से यहां क्षेत्रीय विकास का मॉडल तैयार किया जा रहा है।
गैरसैंण के राजधानी के रूप में विकसित होने से जलता का ही नहीं अधिकारियों का पलायन भी रुक सकेगा। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन को हर संभव सहायता देने की बात कही।
विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने गैरसैंण विधानभवन, कर्णप्रयाग रेल लाइन और बदरीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी ने इंजीनियरिंग कालेज को विकास का पर्याय बताया। मैखुरी ने कालेज के लिए विधायक निधि से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
प्राचार्य ने रखा मांग पत्र
प्राचार्य डा. जीसी बेंजवाल ने प्रगति आख्या, छात्र संघ अध्यक्ष प्रकाश रावत ने कालेज की समस्याएं और सहसचिव कमलेश सिंह ने मुख्य अतिथि के सामने मांग पत्र रखा।
डा. गौरव वार्ष्णेय के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में भेषज संघ के अध्यक्ष अंकुर रौथाण, नगर पंचायत अध्यक्ष सुभाष गैरोला, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डा. दर्शन सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।