रेलवे अफसरों की बदइंतजामी के चलते मंगलवार को कुंभ स्पेशल ट्रेन खाली दौड़ानी पड़ी। यहां तक कि ट्रेन का यात्री चार्ट भी जारी नहीं किया गया। लखनऊ पहुंचने तक भी ट्रेन में इक्का-दुक्का यात्री ही चढ़ पाए। यात्रियों को तो परेशानी हुई ही, रेलवे को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ। रेलवे की तरफ से पब्लिसिटी नहीं करने की वजह से यह स्थिति बनी।
मंगलवार सुबह 5.50 बजे उत्तर रेलवे ने देहरादून से लखनऊ के लिए कुंभ स्पेशल नाम से 12 कोच की एक ट्रेन रवाना की। इसके शेड्यूल की पूर्व में कोई सूचना प्रसारित नहीं की गई थी। न ही पब्लिक रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) पर इसकी जानकारी अंकित की गई।
सुबह के वक्त स्टेशन पर जो यात्री मौजूद थे वह भी स्टॉपेज के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण ट्रेन में नहीं चढ़े। हरिद्वार और उसके बाद के स्टेशनों पर भी इक्का दुक्का यात्री ही मिले।
यात्री रहे परेशान और लाखों रुपये का नुकसान
ट्रेन में बैठे एक यात्री ने फोन पर बताया कि लखनऊ तक हर स्टॉपेज पर कमोबेश यही स्थिति रही। हालत यह थी कि ट्रेन में लोको, गार्ड, टीटीई और इलेक्ट्रिसिटी समेत अन्य स्टाफ यात्रियों की संख्या से ज्यादा था। जबकि मंगलवार को इसी रूट की हावड़ा और जनता एक्सप्रेस कैंसिल थी।
अगर रेलवे ने समय रहते प्रचार प्रसार किया होता तो कुंभ स्पेशल ट्रेन से रेलवे को अच्छी खासी कमाई होती। साथ ही दूसरी ट्रेनों में आरक्षण न मिलने से परेशान यात्री भी सफर कर पाते।
अफसरों की काहिली से रेलवे को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। अतिरिक्त ट्रेन का समय रहते प्रचार प्रसार होता तो ट्रेन खाली नहीं जाती। रेलवे के नुकसान और यात्रियों की परेशानी के लिए जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-उग्रसेन सिंह, ब्रांच सेक्रेटरी नार्दर्न रेलवे मैंस यूनियन
ट्रेन का दोबारा संचालन कब होगा, नहीं पता
मंगलवार को रेलवे मुख्यालय ने अचानक दून से लखनऊ के लिए स्पेशल ट्रेन चला दी। यह ट्रेन शाम करीब सात बजे लखनऊ पहुंची। लखनऊ से रात करीब साढ़े नौ बजे रवानगी का समय बताया गया। लखनऊ से मंगलवार रात चलकर बुधवार को यह ट्रेन हरिद्वार तक जाने का शेड्यूल तय था।
दोबारा इस ट्रेन का संचालन कब होगा इस बारे में रेलवे ने स्पष्ट नहीं किया है। यानी एक गलती से रेलवे ने सबक नहीं लिया। स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह का कहना है कि मुख्यालय से ट्रेन के शेड्यूल की सूचना मिलते ही स्टेशन पर लगातार एनाउंसमेंट किया गया। मकर सक्रांति पर स्नान के लिए ज्यादा भीड़ बढ़ने के मद्देनजर यह ट्रेन चलाई गई।