- कुंभ शुरू होने से पूर्व सभी स्थायी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
- स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने, पार्किंग स्थलों की व्यवस्था सटीक हो।
- सीएस हर 15 दिन में करेंगे मेले के निमार्ण कार्य की समीक्षा।
कुंभ मेला अपने दिव्य एवं भव्य स्वरूप में होगा। कुंभ की परंपरा और संस्कृति का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कुंभ के शुरू होने पर कोविड की स्थिति के अनुसार कुंभ के स्वरूप को विस्तार दिया जाएगा। कुंभ में परिस्थितियों के हिसाब से फैसला करने में अखाड़ा परिषद और साधु-संतों के सुझाव जरूर लिए जाएंगे। कुंभ के जो कार्य अभी प्रगति पर हैं, उन्हें जल्द पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागीय सचिवों को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
कुंभ के लिए अखाड़ा, परिषद और संत समाज का पूरा सहयोग लिया जाएगा। अखाड़ों की समस्याओं का हर संभव निदान करने का प्रयास किया जाएगा। भव्य हरिद्वार कुंभ का आयोजन किया जाएगा।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री
कुंभ के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार का पूरा सहयोग किया जायेगा। दिव्य एवं भव्य कुंभ के आयोजन कि लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण होनी चाहिएं। कोविड की परिस्थितियों के दृष्टिगत सरकार की ओर से कुंभ के स्वरूप के लिए होने वाले फैसले में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
-महंत नरेंद्र गिरी, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
15 दिसंबर 2020 तक अधिकतर स्थाई प्रकृति का काम पूरा कर लिया जाएगा। 31 दिसंबर तक सभी काम पूरे कर लिए जायेंगे। कुंभ के लिए बनाये जा रहे नौ नये घाटों, आठ पुलों और सड़कों का काम पूरा होने वाला है। कुंभ शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी।
- दीपक रावत, मेलाधिकारी