महाकुंभ के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले वाहनों को नियंत्रित करने के साथ ही उनकी चेकिंग के लिए परिवहन विभाग की ओर से पूरे जिले में छह प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। साथ ही छह जगहों पर चेकिंग पोस्ट भी बनाए जाएंगे।
महाकुंभ के दौरान परिवहन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को लेकर विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर मेला अधिकारी प्रशासन को भेज दिया गया है। परिवहन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए मेला प्रशासन से 3.10 करोड़ रुपये का बजट भी मांगा गया है। आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान यातायात व्यवस्थाओं को बनाए रखना अपने आप में बड़ी चुनौती होता है।
महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में गाड़ियां हरिद्वार आती हैं। ऐसे में गाड़ियों के संचालन को जारी रखने के साथ ही हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग की छह प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। गाड़ियों की चेकिंग के लिए छह जगहों पर चेकपोस्ट भी बनाए जाएंगे।
टीमों को रुड़की-हरिद्वार, देहरादून-हरिद्वार, ऋषिकेश-हरिद्वार, नारसन-हरिद्वार और लक्सर-हरिद्वार जैसे मार्गों पर तैनात किया जाएगा। जबकि, चेक पोस्ट भद्रकाली, ब्रह्मपुर, गोवर्धनपुर जैसे स्थानों पर बनाए जाएंगे। बताया कि महाकुंभ के लिए तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुंभ के दौरान यातायात व्यवस्थाओं को लेकर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
कुंभ मेले के लिए अखाड़ों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने तेरह अखाड़ों को स्थायी शेड और अन्य निर्माण कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है। बुधवार को श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा में भंडार गृह के निर्माण के लिए अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया।
जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि, सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि, सचिव श्रीमहंत महेश पुरी, थानापति महंत नीलकंठ गिरि, व्यापारी नेता कैलाश केशवानी ने विधिवत पूजा अर्चना कर अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह के साथ पहली ईंट रखी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि अन्य अखाड़ों में भी कुंभ मेला प्रशासन की देखरेख में निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं।
अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने बताया कि अखाड़ों को स्थायी निर्माण कार्यों के लिए आवंटित एक करोड़ की धनराशि में 40 लाख की पहली किश्त जारी कर दी गई है। शेष धनराशि भी शीघ्र जारी कर दी जाएगी। अखाड़ों को शिविर लगाने के लिए आवंटित किए जाने वाले भूखंडों का भी समतलीकरण, विद्युत, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जा रही हैं। सभी अखाड़ों, समाजसेवी संस्थाओं और अन्य संस्थाओं से आए भूखंडों के आवेदन पत्रों के अनुसार भूमि आवंटन की सूची तैयार की जा रही है।