एसआईटी के जांच अधिकारी राजेश शाह के मुताबिक, आरोपी आशीष ने वास्तविक संख्या से कई गुना अधिक टेस्टिंग दिखाकर लगभग एक लाख 10 हजार टेस्ट के आंकडे़ आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड किए। इसके बाद चार करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कराने के लिए नलवा लैब से फर्जी बिल तैयार कर शरत पंत और मल्लिका पंत को दिए गए। वहीं, एसआईटी की जांच में सामने आया है कि आईसीएमआर के पोर्टल पर महाकुंभ के दौरान टेस्टिंग कर दिखाए गए लोगों की संख्या और उनके मोबाइल नंबरों में काफी विभिन्नता मिली है। इस मामले की लगातार जांच जारी रहेगी।
पांच खातों को किया गया फ्रीज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शरत और मल्लिका पंत से संबंधित मैक्स कारपोरेट फर्म के पांच बैंक खातों समेत कुल सात खातों को फ्रीज किया गया है। इन खातों में 31,41,752 रुपये की धनराशि है।