बढ़ गया था खतरा
एंबुलेंस में तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) सीता ठाकुर ने बताया कि महिला की हालत को देखते हुए बस से सभी यात्रियों को उतार दिया गया। इसके बाद महिला की डिलीवरी बस की सीट पर ही कराई। बच्चा पेट में उल्टा हो गया था जिसके कारण खतरा अधिक था। किसी तरह महिला की डिलीवरी कराई गई। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद दोनों को 108 एंबुलेंस में ले जाकर आगे का उपचार दिया गया। इसके बाद बच्ची को राजकीय बेस अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में भर्ती कराया।
चिकित्सक की ओर से महिला का समुचित उपचार नहीं किए जाने का मामला गंभीर है। मामले की जांच के निर्देेश दे दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रवीन कुमार सीएमओ पौड़ी।