प्रधान अमित नेगी ने बताया कि धीरेंद्र सिंह के गांव में आसपास ही दो मकान हैं। दोनों में परिवार के लोग रहते हैं। धीरेंद्र सिंह की पत्नी विधाता देवी और उसका बेटा गौरव, भतीजी रजनी दूसरे मकान में होने से सुरक्षित हैं।
रजनी देवी की कुछ साल पहले सतपुली के पास बंदूण गांव में विवाह हुआ था। वह अपने दो साल के बेटे रुद्रांश को लेकर घी संक्रांति पर्व मनाने दो दिन पहले ही मायके महरगांव पहुंची थी। मंगलवार की आपदा ने रजनी से उसका बेटा छीन लिया। रजनी काे यह हादसा जीवनभर का गम दे गया।