देहरादून जिले के अंतर्गत टोंस नदी पर प्रस्तावित 11,550 करोड़ की किसाऊ जलविद्युत परियोजना पर एमओयू फिलहाल टल गया है। शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में उत्तराखंड समेत छह राज्यों के बीच परियोजना पर एमओयू हस्ताक्षरित किया जाना था। अब एमओयू के लिए शीघ्र ही नई तिथि निर्धारित की जाएगी।
टोंस नदी पर बनने वाली किसाऊ परियोजना के लिए उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा राज्य के बीच एमओयू किया जाना है। शनिवार को दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में परियोजना का एमओयू कार्यक्रम रखा गया था। लेकिन अपरिहार्य कारणों से एमओयू को स्थगित किया गया। इसकी वजह दिल्ली में चल रही भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी मानी जा रही है।
किसाऊ परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया। परियोजना से 660 मेगावाट जलविद्युत का उत्पादन किया जाएगा। वहीं, 97076 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई और घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए 617 एमसीएम पानी उपलब्ध होगा। परियोजना से होने वाले सिंचाई और जल संबंधी बंटवारे को लेकर छह राज्यों के बीच एमओयू किया जाना है। सचिव ऊर्जा राधिका झा का कहना है कि शनिवार को किसाऊ परियोजना पर एमओयू हस्ताक्षरित नहीं हो सका। शीघ्र ही मध्य एमओयू के लिए नया समय तय किया जाएगा।