इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा की राज्य सरकारों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि किसानों के हितों के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। शाम को यात्रा में शामिल किसान पतंजलि योगपीठ में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे, यहां से सोमवार को अगले पड़ाव के लिए रवाना होना था लेकिन बारिश के कारण यात्रा रवाना नहीं हो पाई। यात्रा दो अक्तूबर को दिल्ली में राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर पहुंचेगी। यहां किसान अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन करेंगे।