मेरा छोटा भाई सुखनाम सिंह दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल है। हमारे खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है। पेराई सत्र शुरू होने के कारण गन्ना शीघ्र चीनी मिल में भेजना था। लेकिन काम रुका हुआ है। -सुखदेव सिंह
किसान आंदोलन के चलते अभी हमारा काफी धान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं बिक सका है। गांवों में आजकल मां, बहू-बेटियां और बुजुर्ग लोगों ने खेती की पूरी जिम्मेदारी संभाल रखी है। -जसबीर कौर
मेरा छोटा भाई सादिक कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने दिल्ली गया है। गेहूं के खेतों में पानी लगाने समेत सभी कार्य मुझे ही करने पड़ रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण खेती का काम आसानी से नहीं हो पाता। -एजाज हाजी
मेरे दोनों बेटे विक्रम और गुरप्रीत किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हुए हैं। जिस कारण खेती का कामकाज प्रभावित हो रहा है। गेहूं के खेतों की सिंचाई करनी है। -बलकार सिंह
किसान आंदोलन के कारण गांवों के अधिकांश युवा किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं। गांव में बड़े-बूढ़े ही रह गए हैं। अधिक उम्र होने के कारण अब खेती की जिम्मेदारी संभाली नहीं जाती। - मो. नबी
मेरा बेटा कई दिनों से दिल्ली में किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए गया है। जिस कारण पूरी खेतीबाड़ी की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई है। सरकार को किसानों की मांग शीघ्र मान लेनी चाहिए। -बलदेव सिंह