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Kisan Andolan in Delhi : दिल्ली में डटे किसान, मां और बुजुर्गों ने संभाले खेत-खलिहान

Mon, 07 Dec 2020 02:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal कीर्तिराज रुमाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
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- फोटो : AMAR UJALA FILE PHOTO
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नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन से सर्वाधिक प्रभावित ऊधमसिंह नगर जिला हो रहा है। राज्य के प्रमुख कृषि उत्पादक जिले के सैकड़ों किसान कई दिनों से दिल्ली में डटे हुए हैं। जिले के किसानों का दिल्ली जाने का सिलसिला लगातार जारी है।

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रोजाना जिले से किसान समूह के रूप में दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसका असर खेती पर पड़ रहा है। किसानों के दिल्ली जाने के कारण बुजुर्ग मां-बाप, बहू और बेटियां खेतों की देखभाल कर रही हैं, लेकिन खेत-खलिहानों के साथ-साथ अन्य दूसरी जिम्मेदारियों के कारण खेती प्रभावित हो रही है। 

जिले में इस वर्ष रबी की प्रमुख फसल गेहूं करीब 98 हेक्टेयर कृषि भूमि पर बोई गई है। परिवार के सदस्यों के कम होने के कारण गेहूं के खेतों की सिंचाई आदि का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान आंदोलन में शामिल कई किसान अभी अपना धान तक नहीं बेच सके हैं। अमर उजाला संवाददाता ने रुद्रपुर ब्लॉक के मलसी, रामनगर और प्रीतनगर गांवों का जायजा लिया। किसानों की कहानी उन्हीं की जुबानी...

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मेरा छोटा भाई सुखनाम सिंह दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल है। हमारे खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है। पेराई सत्र शुरू होने के कारण गन्ना शीघ्र चीनी मिल में भेजना था। लेकिन काम रुका हुआ है। -सुखदेव सिंह

किसान आंदोलन के चलते अभी हमारा काफी धान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं बिक सका है। गांवों में आजकल मां, बहू-बेटियां और बुजुर्ग लोगों ने खेती की पूरी जिम्मेदारी संभाल रखी है। -जसबीर कौर

मेरा छोटा भाई सादिक कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने दिल्ली गया है। गेहूं के खेतों में पानी लगाने समेत सभी कार्य मुझे ही करने पड़ रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण खेती का काम आसानी से नहीं हो पाता। -एजाज हाजी

मेरे दोनों बेटे विक्रम और गुरप्रीत किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हुए हैं। जिस कारण खेती का कामकाज प्रभावित हो रहा है। गेहूं के खेतों की सिंचाई करनी है। -बलकार सिंह

किसान आंदोलन के कारण गांवों के अधिकांश युवा किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं। गांव में बड़े-बूढ़े ही रह गए हैं। अधिक उम्र होने के कारण अब खेती की जिम्मेदारी संभाली नहीं जाती। - मो. नबी

मेरा बेटा कई दिनों से दिल्ली में किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए गया है। जिस कारण पूरी खेतीबाड़ी की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई है। सरकार को किसानों की मांग शीघ्र मान लेनी चाहिए। -बलदेव सिंह  
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