किसानों की ट्रैक्टर रैली और मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस चौकस थी। कोई बवाल न होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। मंत्री आवास पर सुरक्षा के लिहाज से एक प्लाटून पीएसी, आंसू गैस दस्ता और काशीपुर सेक्टर की फोर्स मौजूद थी।
पौन घंटे चला मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर किसानों की ट्रैक्टर रैली और प्रदर्शन पौन घंटे चला। दोपहर एक बजकर चालीस मिनट पर पहला ट्रैक्टर मंत्री आवास के बाहर पहुंचा था। किसानों ने एक ई-रिक्शे में लाउडस्पीकर लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान रैली में शामिल ट्रैक्टर और कंबाइन चलती रही और ट्रैक्टर गुजरते रहे। दो बजकर बीस मिनट पर अंतिम ट्रैक्टर गुजर जाने पर नारेबाजी खत्म हुई। पूरी रैली के दौरान किसानों के निशाने पर पीएम मोदी के बाद शिक्षा मंत्री पांडेय ही रहे।
रैली से सड़क पर जाम
ट्रैक्टर रैली में बड़ी संख्या में किसान वाहनों के साथ पहुंचे थे। इसके चलते गदरपुर- मटकोटा राज्य राजमार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मुख्य चौराहे के दोनों तरफ भारी जाम लग गया था। ट्रैक्टरों की संख्या अधिक होने के कारण लोग घंटों जाम में फंसे रहे। पुलिसकर्मी जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करते रहे। (संवाद)
सियासी दल के नेता भी रहे सक्रिय
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के साथ ही सियासी दलों के नेताओं की भी सक्रियता रही। रैली में कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, ममता हालदार, सुभाष बेहड़, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष काबल सिंह विर्क, शिल्पी अरोरा, तारक बाछाड़, विकास सरकार, प्रीत ग्रोवर, मनु चौधरी, किशोर हालदार के अलावा जरनैल सिंह काली, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर, विजय वर्मा, भाजपा नेता त्रिनाथ विश्वास आदि थे। इसके अलावा हरपाल सिंह मनेस, सतनाम सिंह धारीवाल, लवली धारीवाल, रजत चिलाना, रेशम चंचल सिंह विर्क, दलजीत सिंह गोराया, कुलविंदर सिंह चीमा, बूटा सिंह, जगजीत सिंह, मलकीत सिंह चीमा, तीरथ सिंह गोराया आदि थे।
किसानों की बैठक में 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर किसान परेड में शामिल होने के लिए बाजपुर क्षेत्र से एक हजार ट्रैक्टर ले जाने का लक्ष्य रखा गया। इस दौरान किसानों ने 23 जनवरी को विशाल ट्रैक्टरों का जत्था लेने की रणनीति बनाई।
इससे पहले किसान शहीद भगत सिंह चौक से गुरुद्वारा साहिब तक जुलूस के रूप में पहुंचे। बुधवार को गुरुद्वारा साहिब में आयोजित बैठक में किसानों ने 23 जनवरी को क्षेत्र से अधिक से अधिक ट्रैक्टर दिल्ली गाजीपुर बार्डर पर ले जाने की रणनीति बनाई। इसके लिए गांव गांव जाकर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों को खारिज कराना ही अब मुख्य उद्देश्य है।
किसानों के हित में कानून : अनिल चौहान
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। छह वर्षों में सरकार ने किसान हित में अब तक की सभी सरकारों से अधिक कार्य किए हैं।
सरकार साफ नीयत के साथ काम कर रही है। सरकार पहले दिन से कह रही है कि वार्ता से मुद्दे का समाधान हो सकता है। मंशा थी कि किसान संगठन बिंदुवार चर्चा में जहां उचित संशोधन हो, उसे प्रस्तावित करें। सरकार उस पर अमल करने को तैयार है।