केदारनाथ यात्रा इस बार पिछले वर्षों की तुलना में यात्रा मुश्किल भरी होगी, क्योंकि 14 किमी का पैदल मार्ग 20 किमी हो चुका है। रास्ते में सुविधाओं का भी अभाव है। यात्रा के लिए प्रदेश शासन ने अभी अनिवार्य मेडिकल फिटनेस या चेकअप के संबंध में कोई फैसला नहीं किया है।
2012 में ठंड से गई थी 20 जान
वर्ष 2012 में यात्रा के दौरान केदारनाथ में भारी बर्फबारी हुई थी। ज्यादा ठंड होने के कारण एक माह में 20 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। तब प्रशासन ने सेना, आईटीबीपी और स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की मदद से स्थिति संभाली गई।
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मौसम को देखते हुए यात्रा पर जाने वाले लोगों का मेडिकल चेकअप किया गया। अनफिट बताए जाने के बाद भी श्रद्धालु जबरदस्ती यात्रा पर चले गए। तब भी यात्रियों के अनिवार्य मेडिकल चेकअप की जरूरत महसूस की गई थी।
केवल चेकअप का अधिकार
पिछले वर्ष भी आपदा के बाद दोबारा केदारनाथ यात्रा शुरू हुई, तो यही स्थिति बनी। डॉक्टरों ने गुप्तकाशी में श्रद्धालुओं का मेडिकल चेकअप कर रक्तचाप के मरीजों को यात्रा पर न जाने की सलाह दी। लेकिन किसी को रोक नहीं सके।
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यात्री जब यहां पहुंच जाता है, तो उसको मेडिकली अनफिट होने के बावजूद रोकना मुश्किल हो जाता है। उसकी जिद होती है कि जब यहां तक पहुंच ही गए तो बाबा के दर्शन करे बिना नहीं जाएंगे। यदि हरिद्वार या ऋषिकेश में स्वास्थ्य परीक्षण हो जाए, तो बेहतर रहेगा।
-डा. केडी शर्मा, सीएमओ