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30 जून तक रोकी केदारधाम यात्रा, बदरीनाथ, हेमकुंड में 5 हजार फंसे

Sun, 28 Jun 2015 01:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग, गोपेश्वर
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प्रशासन ने केदारनाथ की पैदल यात्रा 30 जून तक रोक दी है। इस अवधि में क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत की जाएगी। हालांकि, इस दौरान श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से धाम जा सकेंगे। हालांकि, मौसम खुलने के बाद शनिवार को केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा फिर शुरू कर दी गई है।
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शनिवार को गुप्तकाशी से 65 श्रद्धालु धाम पहुंचे। आगे भी गुप्तकाशी और फाटा से हेलीकॉप्टर सेवा चलती रहेगी। इससे पहले खराब मौसम के चलते पैदल यात्रा 26-27 जून को रोकी गई थी। बारिश के चलते 25 को भी यात्रा नहीं चल पाई थी।

उधर, बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ तक खुल जाने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को बदरीधाम जाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, जोशमीठ से आगे बदरीनाथ की ओर लामबगड़ और बैनाकुली में मार्ग बंद होने के चलते तीर्थयात्रियों को साढ़े तीन किमी का सफर पैदल तय करना होगा।
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बैनाकुली से बदरीनाथ तक 13 किमी की यात्रा फिर वाहन से कर सकेंगे। बैनाकुली के बाद धाम तक रास्ता खुला है। चमोली के डीएम अशोक कुमार ने हेमकुंड साहिब की यात्रा भी 29 जून से शुरू होने की बात कही है। कहा गया है कि पैदल मार्ग पर पुलिया बह जाने के कारण हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने में अभी दो दिन का समय और लगेगा।

कई जगहों पर बहा पैदल मार्ग, लग सकते हैं 10 दिन

दो दिन पहले जोरदार बारिश से केदारघाटी में सोनप्रयाग-मुनकटिया पैदल मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते आवाजाही मुश्किल से हो रही है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक मार्ग भी एक-दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है।

लोक निर्माण विभाग को तीन दिन में पैदल रास्ते की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में सोनप्रयाग से केदारनाथ पैदल मार्ग पर 30 जून तक यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। सोनप्रयाग और गुप्तकाशी पुलिस को चौकस रहने को भी कहा गया है।

मालूम हो कि बुधवार रात से बृहस्पतिवार देर रात तक हुई जोरदार बारिश से सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच केदारनाथ राजमार्ग का 30 और 20 मीटर हिस्सा भी दो स्थानों पर नदी में समा गया है। इसके पुनर्निर्माण में कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में अब यात्रियों को सोनप्रयाग से ही पैदल जाना होगा। फिलहाल धाम और सोनप्रयाग से आगे पड़ावों पर कोई यात्री नहीं है।

डीएम का है कहना
सोनप्रयाग-मुनकटिया पैदल रास्ते को बारिश से काफी क्षति पहुंची है, जिससे 30 जून तक केदारनाथ की यात्रा अस्थायी रूप में बंद की गई है। इस दौरान प्राथमिकता के तौर पर पैदल रास्तों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।
-डॉ. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग
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बदरीनाथ, घांघरिया में अब भी 5000 यात्री फंसे

जोशीमठ (चमोली)। बदरीनाथ धाम से शनिवार को करीब एक हजार यात्रियों को वाहनों से जोशीमठ पहुंचाया गया। लगभग ढाई हजार यात्री बदरीनाथ धाम अब भी फंसे हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के घांघरिया पड़ाव और गोविंदघाट से 800 तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचाया गया।

करीब 300 तीर्थयात्री घांघरिया से पैदल ही गोविंदघाट पहुंचे। घांघरिया में अब भी करीब ढाई हजार तीर्थयात्री फंसे हैं। इधर, दोपहर बाद हुई बारिश से बोल्डर आ जाने से लामबगड़ और बेनाकुली में बदरीनाथ हाईवे फिर बंद हो गया है। हालांकि मारवाड़ी में शाम चार बजे हाईवे को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।

रास्ता बंद, फ‌िर भी 1100 यात्री पहुंचे बदरीनाथ
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे और हेमकुंड साहिब यात्रा के पैदल मार्ग पर पुलों के बहने के बावजूद तीर्थयात्रियों की आस्था और उत्साह में कमी नहीं आई है। शनिवार को लामबगड़ से करीब 1100 तीर्थयात्री पैदल ही बदरीनाथ धाम मत्था टेकने पहुंचे।

फूलों की घाटी को भी नुकसान!
बुधवार-बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश से विश्व प्रसिद्घ फूलों की घाटी को भी नुकसान की सूचना मिल रही है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
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