दूसरी तरफ बीते दो दिन से गौरीकुंड में रुके 7,360 यात्री सोनप्रयाग पहुंच गए हैं। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग से लगभग एक किमी आगे भूस्खलन जोन पर मशीनों की मदद से मलबा हटाकर पैदल आवाजाही शुरू कराई गई। इस दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच यात्रियों को रास्ता पार कराया गया। दोपहर बाद यहां फिर भूस्खलन होने से पैदल आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया।
यहां तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण लगातार दूसरे दिन पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं को केदारनाथ नहीं भेजा गया है। बारिश के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई जगहों पर भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। मौसम ठीक होने के बाद ही यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया जाएगा।