इसके लिए उत्तराखंड राज्य शैक्षिक (अध्यापन संवर्ग) राजपत्रित सेवा नियमावली में संशोधन के बाद शासन ने 22 फरवरी 2024 को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को भर्ती परीक्षा का प्रस्ताव भेजा था। सेवा नियमावली में संशोधन के बाद पहली बार यह भर्ती होनी थी पर राजकीय शिक्षक संघ शुरू से भर्ती का विरोध कर रहा था।
संगठन का कहना था कि प्रधानाचार्य के शतप्रतिशत पद पदोन्नति के पद हैं। इन पदों पर विभागीय सीधी भर्ती वर्षों से विभाग में कार्यरत शिक्षकों के साथ अन्याय है।