हेली सेवा संचालन से कमाए 35 करोड़
केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए हेली सेवा की काफी मांग रहती है। 31 मई तक लगभग 33000 श्रद्धालु हेली सेवाओं के माध्यम से बाबा केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। जिससे करीब 35 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है।
डंडी-कंडी से एक करोड़ से अधिक की आय
केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर जितने घोड़े-खच्चरों का संचालन महत्वपूर्ण है। उतना ही डंडी-कंडी संचालन भी। इस वर्ष की यात्रा के लिए 7000 से अधिक डंडी-कंडी संचालक पंजीकृत हैं। 31 मई तक 29275 श्रद्धालु डंडी-कंडी के माध्यम से यात्रा कर चुके हैं, जिससे एक करोड़ 16 लाख, 89 हजार 100 रुपये की आय प्राप्त हुई है। वहीं गंदगी फैलने एवं अन्य नियमों के उल्लंघन पर विभिन्न प्रतिष्ठानों का 2,26,000 रुपये का चालन कर अर्थदंड भी वसूला गया है।
टैक्सी संचालन से सात करोड़ कारोबार
केदारनाथ धाम यात्रा में शटल सेवा के लिए 225 टैक्सी पंजीकृत हैं। इन्हीं गाड़ियों में श्रद्धालु सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पहुंचते हैं। अब तक सात लाख से अधिक श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। हर यात्री को 50 रुपये जाने एवं 50 रुपये वापस सोनप्रयाग आने के चुकाने पड़ते हैं। 01 जून तक 7 लाख श्रद्धालु धाम में पहुंच चुके हैं यानी अब तक टैक्सी संचालक करीब 7 करोड़ रुपये शटल सेवा के माध्यम से अर्जित कर चुकी है।
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केदारनाथ धाम यात्रा आस्था और संस्कृति की धुरी बन चुकी है। सरकार का लक्ष्य केवल तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। यात्रा सुरक्षित, सुगम और समृद्ध बनाने की दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री