फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kedarnath Yatra: गौरीकुंड से केदारनाथ तक दो घोड़े-खच्चरों का ट्रायल रहा सफल, फिर 34 और भेजे

Fri, 09 May 2025 08:22 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

Chardham Yatra 2025:  घोड़ा-खच्चरों के बीमार होने के कारण पैदल मार्ग पर इनका संचालन करीब चार दिन से बंद था। शुक्रवार को पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में गौरीकुंड से दो घोड़ा-खच्चरों को धाम के लिए रवाना किया गया।
विज्ञापन
केदारनाथ में घोड़ा-खच्चर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग से ट्रायल के तौर पर शुक्रवार को दो स्वस्थ घोड़ा-खच्चरों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पैदल मार्ग पर चार स्थानों पर दोनों जानवरों के स्वास्थ्य की जांच की गई। यह ट्रायल सफल रहा जिसके बाद 34 और घोड़ा-खच्चर संचालकों को यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। 28 पर यात्री सवार हुए जबकि छह पर सामान भेजा गया।

विज्ञापन


घोड़ा-खच्चरों के बीमार होने के कारण पैदल मार्ग पर इनका संचालन करीब चार दिन से बंद था। शुक्रवार को पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में गौरीकुंड से दो घोड़ा-खच्चरों को धाम के लिए रवाना किया गया। इस दौरान एक खच्चर पर एक महिला यात्री को भी बिठाया गया।

पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने पैदल मार्ग पर चार स्थानों पर इनके स्वास्थ्य की जांच की जिसमें वह सही मिले। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. आशीष रावत ने बताया कि दो स्वस्थ घोड़ा-खच्चर को ट्रायल के तौर पर भेजा गया है। चार घंटे से अधिक समय में यह धाम पहुंचे। बताया कि शुक्रवार सुबह नौ बजे ट्रायल किया गया।
विज्ञापन


Hemkund Sahib: जवानों ने हिमखंड काटकर बनाया रास्ता, हेमकुंड साहिब पहुंची टीम, सबसे पहले पढ़ी अरदास, तस्वीरें

विज्ञापन

एक घंटे तक उनकी निगरानी की गई तो सब कुछ सही मिला। इसके बाद करीब 34 और घोड़ा-खच्चर संचालकों को यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया गया। 28 पर यात्री सवार हुए जबकि छह पर सामान भेजा गया। अब इनका संचालन रोज डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा।

जबकि जो जानवर बीमार हैं उनका प्राथमिकता से इलाज किया जा रहा है। उन्होंने सभी पशुपालकों से यात्रा का संचालन पशु मानकों के तहत करने का आह्वान किया। आने वाले दिनों में और स्वस्थ्य घोड़ा-खच्चरों का संचालन शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यहां करीब 5000 से अधिक घोड़ा-खच्चर संचालक पंजीकृत हैं। इनसे से करीब 60 प्रतिशत घोड़ा संचालक लौट चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें