हाईवे पर भूस्खलन जोन बने खतरा
बरसात से गौरीकुंड राजमार्ग कई जगहों पर संवेदनशील बना हुआ है। रुद्रप्रयाग से कुंड तक जहां भटवाड़ीसैंण, गिंवाला और बांसवाड़ा में भूस्खलन जोन के सक्रिय होने से स्थिति दयनीय बनी है। वहीं, कुंड से सोनप्रयाग के बीच सेमी-भैंसारी, देवीधार, तरसाली, खाट गांव में भी हालत नाजुक हैं। एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि हाईवे पर जहां-जहां पर संभव हो रहा है, मरम्मत कार्य किया जा रहा है। शेष कार्य यात्रा के बाद प्राथमिकता से किया जाएगा।
10 सितंबर तक पहुंचेगी हेली कंपनियां
केदारनाथ यात्रा के लिए इस वर्ष आठ हेली कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं। बरसात शुरू होते ही छह कंपनियां वापस लौट गई थीं। जबकि ट्रांस भारत और हिमालयन हेली एविएशन ने पूरे बरसाती सीजन में अपनी सेवाएं जारी रखी। तीन दिन पूर्व पवन हंस हेली कंपनी का हेलिकॉप्टर भी वापस लौट आया है। जिससे इन दिनों केदारनाथ के लिए तीन हेलिकॉप्टर सेवाएं दे रहे हैं। शेष पांच हेली कंपनियों के 10 सितंबर तक वापस लौटने की उम्मीद है।
केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण के लिए हाईवे से लेकर पैदल मार्ग को दुरस्त किया जा रहा है। साथ ही केदारनाथ में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता के लिए जोर दिया जा रहा है। पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का उचित प्रबंधन हो, इसके लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
- डा. सौरव गहरवार, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग