आम भक्तों के लिए सरकार की ओर से लगाई गई रोक के विरोध में केदारनाथ मंदिर में पुन: पूजा-अर्चना शुरु होने पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक अपने समर्थकों के साथ पैदल ही केदारनाथ मंदिर की ओर बढ़ चले।
देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक केदारनाथ पहुंच गए हैं। सरकार के खिलाफ मुहिम के तहत केदारनाथ पहुंचे निशंक के साथ पूर्व विधायक आशा नौटियाल, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सतीश लखेड़ा, रुद्रप्रयाग के जिला पंचायत अध्यक्ष चंडीप्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कपरवाण समेत क्षेत्र के कई लोग व पंडे पुरोहित भी थे।
निशंक की अगुवाई में दल सोनप्रयाग से केदारनाथ को पैदल रवाना हुआ था। हालांकि फाटा में दल को पुलिस प्रशासन द्वारा रोका भी गया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री व अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं की जिम्मेदारी पर आगे जाने की अनुमति मांगने पर दल को आगे जाने दिया।
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आम भक्तों को नहीं अनुमति
बुधवार को केदारनाथ धाम में पुन: पूजा अर्चना शुरु हो गई है। इसके बाद मंदिर के कपाट दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। लेकिन प्रशासन स्तर से अभी आम श्रद्धालुओं को केदारधाम जाने की अनुमति नहीं है।
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बुधवार सुबह पूर्व सीएम डॉ निशंक के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं के 35 सदस्यीय दल ने केदारनाथ को कूच किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें फाटा में रोक दिया।
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स्वंय की जिम्मेदारी
लगभग आधे घंटे तक चली वार्ता के बाद पूर्व सीएम व अन्य लोगों को स्वयं की जिम्मेदारी पर केदारनाथ जाने की अनुमति दी गई।
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इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ निशंक ने कहा कि भाजपा पूजा की विरोधी नहीं है, बल्कि सभी लोगों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए था।
सरकार ने की जल्दबाजी
उन्होंने कहा कि यदि अभी धाम में व्यवस्थाएं बहाल नहीं हुई हैं तो पूजा शुरु करवाने में जल्दबाजी क्यों की गई। सरकार पर आरोप लगाते हुए निशंक ने कहा कि कोई मुहूर्त न होने के बावजूद पूजा शुरु करवाई गई है।
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उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार मुगल व अंग्रेजी हुकूमत से भी अधिक तानाशाह हो गई है। जो अपनी मर्जी अनुसार धार्मिक कार्यों को संपन्न करवा रही है।
दल में पूर्व विधायक आशा नौटियाल, शकुंतला जगवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिला पंचायत अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
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सीएम का आग्रह भी नहीं माना
पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की केदारनाथ जाने की जिद के सामने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को भी झुकना पड़ा।
सीएम ने डॉ निशंक से दूरभाष से वार्ता कर पैदल न जाने का आग्रह किया तथा आश्वासन दिया कि उन्हें व दस कार्यकर्ताओं को हवाई सेवा के माध्यम से केदारनाथ भेजा जाएगा। इसके बावजूद भी डॉ निशंक नहीं माने और सोनप्रयाग से दल के साथ पैदल केदारनाथ को निकल पड़े थे।
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पर्वतारोही भी साथ भेजे
सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए पूर्व सीएम डॉ निशंक के साथ पांच पर्वतारोही जवानों का दल भी भेजा गया था। जिससे वे लोग कठिन पैदल मार्ग पर उनकी मदद कर सकें।