सरकार ने भीमबली से केदारनाथ तक का मार्ग आगामी बीस अप्रैल तक दुरुस्त होने का लक्ष्य तय किया है। सरकार ने इस महत्वपूर्ण कार्य की कमान वरिष्ठ आईपीएस जीएस मर्तोलिया को सौंपी है।
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डीजीपी बीएस सिद्धू ने कहा कि 18 मार्च के बाद पूरी टीम निरंतर कैंप करेगी। और, किसी भी स्थिति से निबटने के लिए चार क्यूआरटी (क्वीक रिस्पांस टीम) का गठन किया गया है।
प्रतिष्ठा का सवाल
पीएचक्यू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीजीबी बीएस सिद्धू ने कहा कि डीआईजी जीएस मर्तोलिया को सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। भीमबली, लचौली होते हुए केदारनाथ का मार्ग प्रशस्त करना सरकार की प्रतिष्ठा से जुड़ा सवाल है।
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मर्तोलिया के साथ पीडब्लूडी के तीन सहायक अभियंता, एनआईएम के प्रशिक्षित लोग तैनात है। पेयजल व विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए काम शुरू हो गया है।
बीएसएनएल अधिकारियों के साथ बैठक
टावर खड़ी कर संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए भी बीएसएनएल के अधिकारियों के साथ बैठक हो रही है। जितने लोग भी इस टास्क में लगे हैं उन्हें स्पेशल पे व राशन दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
क्यूआरटी की एक टीम में छह पुलिसकर्मी व एनआईएम के चार प्रशिक्षित लोग शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि फिलहाल 18 मार्च से लगातार वहीं पर कैंप करके बीस अप्रैल तक टास्क पूरा किया जाएगा।