केदारनाथ धाम को जोड़ने के लिए त्रियुगीनारायण और चौमासी की ओर से सुगम रास्ते का निर्माण होगा। इन रास्तों के निर्माण से धाम तीन मार्गों (परंपरागत गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग सहित) से जुड़ जाएगा।
आपात स्थिति आने पर केदारनाथ के लिए इन वैकल्पिक मार्गों से आवाजाही हो सकेगी। सेंचुरी एरिया और रिजर्व फरेस्ट होने से ट्रैक सुदृढ़ीकरण कार्य वन विभाग को सौंपा गया है।
गत वर्ष आई आपदा से रामबाड़ा से गरुड़चट्टी के बीच रास्ते का नामोनिशान मिट चुका है। इस पैच में मंदाकिनी के दूसरी ओर से नए रास्ते का निर्माण किया गया है। आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित निकालने और रसद पहुंचाने में काफी दिक्कतें हुई थी।
ऐसे में प्रशासन को धाम के लिए गांवों से जाने वाले रास्ते और वन विभाग के पेट्रोलिंग ट्रैक को विकसित करने का विचार आया। केदारनाथ वन प्रभाग ने त्रियुगीनारायण और चौमासी छोर से सर्वे कर प्रारंभिक डीपीआर शासन को भेजी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार को भी रिपोर्ट भेजी गई थी। अब केंद्र से मंजूरी की प्रतीक्षा है।
इस रूट से होकर जाएगा नया रास्ता
1. त्रियुगीनारायण-तोसी-बसुगंगा-गोमकारा खर्क-गौरीकुंड टाप-गरुड़चट्टी-केदारनाथ। लंबाई- 15 किमी, चौड़ाई- दो मीटर। एडीबी (एशियन डवलपमेंट बैंक) प्रोजेक्ट के तहत होगा कार्य। अनुमानित लागत करीब 152.96 लाख रुपये।
2. चौमासी-रेकाधार-रामबाड़ा। लंबाई- 15 किमी। चौड़ाई- दो मीटर। एडीबी प्रोजेक्ट में स्वीकृत। अनुमानित लागत 145.96 लाख रुपये।
बोले अधिकारी
अगले साल तक ट्रैक रूट का निर्माण हो जाएगा। इससे विकल्प मिलेंगे। साथ ही पर्यटन की दृष्टि से यह रूट महत्वपूर्ण हैं। - -डॉ. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग।
इन रूटों का वन विभाग से पहले से पेट्रोलिंग के लिए उपयोग करता रहा है। ग्रामीण भी इन रास्तों पर चलते हैं। इन्हें आवाजाही लायक सुदृढ़ किया जाएगा। मार्ग पर शेल्टर, शौचालय और पेयजल की सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी।
-आकाश वर्मा, डीएफओ केदारनाथ वन प्रभाग।
धाम तक बिछेगी भूमिगत विद्युत लाइन
विपरीत मौसम और शीतकाल में भारी हिमपात को देखते हुए छोटी लिनचोली से केदारनाथ तक भूमिगत विद्युत लाइन बिछेगी। अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा के अनुसार लाइन के लिए इसी माह से काम शुरू हो जाएगा।
ऊर्जा निगम की ओर से केदारनाथ के लिए बिछाई गई विद्युत लाइन अभी ओवर हेड है। गत वर्ष आई आपदा से लाइन को भारी क्षति पहुंची थी। रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच मार्ग ध्वस्त होने के बाद ऊर्जा निगम ने नए एलाइनमेंट में मंदाकिनी के दूसरी तरफ से धाम तक विद्युत लाइन पहुंचाई है।
शीतकाल में लिनचोली से ऊपर भारी बर्फबारी से विद्युत तार और पोल टूट जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए छोटी लिनचोली से केदारनाथ तक अंडरग्राउंड विद्युत लाइन बिछाई जाएगी। जमीन के अंदर केबल रहने से बर्फ से कोई नुकसान नहीं होगा।