ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट आगामी चार मई को सुबह छह बजे खोले जाएंगे।
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महाशिवरात्रि पर सुबह ऊखीमठ में बदरी-केदार मंदिर समिति के अधिकारियों, वेदपाठियों, आचार्यों, तीर्थ पुरोहितों की मौजूदगी में तिथि तय और घोषित की गई।
विशेष पूजा-अर्चना की गई
केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पूजा शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होती है।
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मंदिर के वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी ने बताया कि महाशिवरात्रि को पंचाग पूजन के बाद गणना कर तिथि निकाली गई। इस अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
व्यापारियों में नहीं दिख रहा उत्साह
कपाट खुलने की तिथि तय होने के बाद यात्रा मार्ग से जुड़े व्यापारी अपनी तैयारियां शुरू कर देते थे। लेकिन इस बार परिस्थिति उलट है। गत वर्ष जून माह में आए जलप्रलय से यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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हजारों तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी। जिससे बीच में यात्रा पर रोक लगानी पड़ी थी। हालांकि प्रदेश सरकार ने पिछले साल 5 अक्तूबर से दोबारा यात्रा शुरू करवा दी थी। गत वर्ष मंदिर के कपाट पांच नवंबर को बंद हुए थे।
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लेकिन अभी तक यात्रा को लेकर व्यापारियों में खास उत्साह देखने को नहीं मिल रही है। धाम के सड़क और पैदल मार्ग की स्थिति ठीक नहीं है। गौरीकुंड से लेकर धाम तक अभी आवश्यक सुविधाएं आंशिक रुप से बहाल हो पाई हैं।