रुक-रुककर गिरते रहे पत्थर
हाईवे के बंद होने पर एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा मलबा हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर और मलबा गिरता रहा, जिससे काम में बाधा आई। सुरक्षा के मद्देनजर, प्रशासन और पुलिस ने सोनप्रयाग से किसी भी यात्री को केदारनाथ के लिए आगे नहीं बढ़ने दिया।
दूसरी ओर, केदारनाथ से लौट रहे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने पहाड़ी रास्ते से रस्सी के सहारे यात्रियों को सुरक्षित निकाला। यह रेस्क्यू अभियान एक संवेदनशील अस्थायी पगडंडी से किया गया।
केदारनाथ से दर्शन कर लौटे कुल 1269 यात्रियों का सफल रेस्क्यू किया गया। भूस्खलन जोन सक्रिय होने के कारण आए दिन यातायात बाधित हो रहा है। इन परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोनप्रयाग से एक भी यात्री को धाम के लिए रवाना नहीं किया गया। साथ ही, गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच भी पूरी मॉनिटरिंग की गई ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
-अक्षय प्रह्लाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक