सामान लेकर यात्री हेलिकॉप्टर की तरफ जाते हैं यात्री
जब हेलिकॉप्टर से यात्री उतारे जाते हैं तो उसके पंखे अनवरत चलते रहते हैं। तेज हवा के बीच कई बार यात्री जानकारी के अभाव में फेंके गए अपने सामान को लेने के लिए हेलिकॉप्टर की ओर चले जाते हैं। यह स्थिति भी कई बार हादसे का कारण बन सकती है।
समुद्र तल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बंद नहीं करते इंजन
यूकाडा के अधिकारी ने बताया कि डीजीसीए के नियमों के अनुसार समुद्र तल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर का इंजन बंद नहीं किया जाता है। जिससे यात्रियों को हेलिकॉप्टर के पंखे चलते हुए उतारा और बैठाया जाता है। लेकिन हेली कंपनियों की जिम्मेदारी होती है कि उतरने और चढ़ते समय यात्रियों को सुरक्षा के लिए मार्गदर्शन किया जाए।
वहीं, सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर के मुताबिक हेलिपैड पर यात्रियों को हेलिकॉप्टर में चढ़ाने और उतारने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस संबंध में हेली कंपनियों को भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा हेली टिकटों पर जागरूकता के लिए सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी।
2007 में भी हेलिकॉप्टर के पंखे से कट कर हुई थी एक की मौत
केदारनाथ में 2007 में भी हेलिकॉप्टर के पंखे से कटकर हेली कंपनी के पोर्टर की मौत हो गई थी। युवक स्थानीय निवासी था। इस हादसे के बार क्षेत्र में लोगों ने काफी हंगामा किया था।
हादसे का वीडियो सामने आया
यूकाडा के वित्त नियंत्रक अमित सैनी के हादसे का वीडियो सोमवार को सामने आया। 17 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि हेलिकॉप्टर के दाएं गेट से अमित उतरकर दौड़ते हुए हेलिकॉप्टर के पीछे जा रहे हैं, जैसे ही वो दूसरी तरफ मुड़े तभी टेल रोटर की चपेट में आ गए। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद दो लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन हेलिकॉप्टर की तेज आवाज में उनकी आवाज दब गई।