केदारनाथ आपदा के बाद तीर्थ यात्रियों की संख्या में आई कमी चार वर्षों में कई गुणा बढ़ गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में मात्र 40 हजार तीर्थ यात्री पहुंचे थे, लेकिन इस वर्ष साढ़े सात लाख की संख्या पार हो जाएगी। इससे रोपवे परियोजनाओं निर्मित होने के बाद उसके संचालकों को भी लाभ मिलेगा।
नैनीताल और मसूरी में भी रोपवे जल्द
पर्यटन विभाग केदारनाथ के साथ दो अन्य बड़ी रोपवे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में जुटा है। इन्वेस्टर्स समिट से पहले साढ़े पांच किलोमीटर लंबे मसूरी रोपवे का टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा नैनीताल में 11 किलोमीटर लंबे रोपवे के लिए भी ईओआई जारी किया जा रहा है। इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रदेश सरकार इसका उल्लेख करेगी।
केदारनाथ धाम के लिए साढ़े आठ किलोमीटर लंबे रोपवे के लिए ईओआई जारी किया गया है। इच्छुक कंपनी से करार के लिए कई तरह की शर्तें रखी गई है। अधिक संभावना पीपीपी मोड पर निर्माण की है। इसके अलावा नैनीताल और मसूरी में रोपवे परियोजना निर्मित होगी।
दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन